नेफोवा के साथ मिलकर घर खरीदार बीजेपी मुख्यालय पर 18 नवंबर को किया प्रदर्शनI

18 नवंबर को 11 बजे नॉएडा तथा ग्रेटर नॉएडा के तमाम बिल्डर हाउसिंग प्रोजेक्ट में घर बुक कराए घर खरीदार नेफोवा के साथ मिलकर अपनी समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान की मांग करते हुए अशोका रोड स्थित बीजेपी मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार हो या उत्तर प्रदेश सरकार, सब घर ख़रीदारों की समस्याओं का हल निकालने का वादा करके फिर से चैन की नींद सो गए। चुनाव के समय सभी बड़े नेताओं ने भरोसा दिलाया था कि यदि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनती है तो उनकी सरकार बिल्डरों के प्रति कड़ा रूख अख्तियार करेगी, रेरा को मजबूती से लागु करेगी, जो बिल्डर घर बनाकर देने में विलम्ब कर रहे है, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जायेगा, लेकिन सारे वादे धरे के धरे रह गए | ना तो रेरा को मजबूती से लागु किया गया , न ही बिल्डरों की ज्यादतियों पर कोई अंकुश लगाया जा सका | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के अलावा शहरी विकास मंत्री श्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री श्री सतीश महाना के साथ कई दफा मीटिंग हुई, जल्द से जल्द घर दिलाये जाने के वादे किये गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

लोग हर महीने उस घर के लिए इएमआई देने को विवश है, जिसे मिलने की अभी भी कोई उम्मीद नही दिख रही है । सबवेंशन स्किम में घर बुक कराए लोगों को बैंक की तरफ से लीगल नोटिस भेजे जा रहे है, क्योंकि बिल्डर ने महीनों से इंस्टालमेंट जमा नही किया है। रेरा की वेबसाइट पर बिल्डर 2022 की कम्पलीशन डेट दर्ज कर रहा है, जबकि बिल्डर बायर एग्रीमेंट में 2013-14 दर्ज है। अगस्त महीने में हुई मीटिंग के दौरान राज्य सरकार ने आम्रपाली के खरीदारों को दो साल में घर दिलाने का वादा किया था, लेकिन आम्रपाली के हर प्रोजेक्ट साइट पर आज भी काम बंद है। आखिर पिछली सरकारों की तरह वर्तमान सरकार भी बिल्डरों के आगे विवश और लाचार क्यों दिख रही है। सरकार बदल गयीं पर घर खरीदार आज भी बेहाल हैं | बैंक की ईएमआई बंद कराने हेतु नेफोवा की तरफ से वित्त मंत्री श्री अरुण जैटली जी को पत्र लिखा गया , लेकिन हमारी मांग को अनसुना कर दिया गया | पिछली सरकारों से निराश हो चुके घर ख़रीदारों को बीजेपी सरकार से काफी उम्मीदें थी| लेकिन उम्मीदों पर पानी फिरता देख फ्लैट खरीदारों में गहरा आक्रोश है और इसिलए १८ नवंबर को बीजेपी सरकार से जवाब मांगने सभी लोग बीजेपी मुख्यालय पहुंचे |

हमारी मुख्य मांगे:

१. वादे के अनुसार जो भी बिल्डर प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य रूका हुआ है या विलम्ब हो रहा है, उनका निर्माण किसी सरकारी एजेंसी या किसी विश्वसनीय बिल्डर से पूरा करवाकर फ्लैट खरीदारों को जल्द फ्लैट दिलाया जाये |
२. जिस बिल्डर के खिलाफ प्राधिकरण में शिकायत दर्ज होती है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाये तथा फ्लैट बायर की समस्या पर शीघ्र सुनवाई हो। यदि ऐसा नही होता है तो प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

3. पुलिस प्रशासन किसी भी बिल्डर की शिकायत दर्ज करने को तैयार नही होते है। पुलिस तथा प्रशासन को बिल्डर के खिलाफ शीघ्र शिकायत दर्ज करने और एक्शन लेने की सख्त हिदायत दी जाए।

4. रेरा कानून के आने से फ्लेट बॉयर्स को कोई फायदा नही हुआ वही दूसरी ओर बिल्डर अपने फायदे के लिए इसका गलत इस्तेमाल कर रहे है। बिल्डर मनमाने तरीके से प्रोजेक्ट संबंधी जानकारियां रेरा के वेबसाइट पर दर्ज कर रहे है जिसकी उचित जांच रेरा के अधिकारियों द्वारा कराई जानी चाहिये।

5. एफएआर बढ़ाकर बिल्डर को सहूलियत दी जा रही है, लेकिन सालों से घर का इंतजार कर रहे फ्लैट ख़रीदारों के लिए रेरा के अंतर्गत कोई राहत नही दिख रही। बीजेपी सरकार द्वारा रेरा को बायर के पक्ष में मजबूत तथा पारदर्शी किये जाने की जरूरत है। रेरा के अन्तर्गत ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए जो बायर की शिकायतों की शीघ्र सुनवाई करें। रेरा की शिकायतों की सुनवाई के लिए जिला गौतमबुद्ध नगर में भी इकाई खुलनी चाहिए।

6. कई प्रोजेक्ट ऐसे है जहाँ सालों से काम बंद है, लेकिन लोग हर महीने इएमआई भर रहे है। ऊपर से घर का किराया भी चुका रहे है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा बैंको को निर्देश दिया जाए कि जबतक फ्लैट का पोजेसन नही मिलता वे इएमआई लेना बंद करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *